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prescribed authority for conversion

राजस्थान भू-राजस्व (ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और गैर-कृषि प्रयोजनों के लिए परिवर्तन) नियम, 2007  का नियम  9: ( राजस्व विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 29.06.2021 द्वारा संशोधन)           संपरिवर्तन के लिये विहित प्राधिकार.-(1) एक खातेदार काश्तकार। किसी भी गैर-कृषि उद्देश्य के लिए कृषि भूमि के रूपांतरण की अनुमति मांगते हुए फॉर्म-ए में निर्धारित दस्तावेजों के साथ सभी प्रकार से पूर्ण आवेदन और चालान की एक प्रति, जमा किए गए रूपांतरण शुल्क की राशि को निर्दिष्ट प्राधिकारी को निम्नानुसार प्रस्तुत करना होगा -       आवासीय इकाई   तहसीलदार 4000 वर्ग मीटर तक   आवासीय कालोनी / परियोजना   (i) sub division office( उपखण्ड अधिकारी ) - जहां कुल क्षेत्रफल 10,000 वर्ग मीटर से अधिक न हो ( i) कलेक्टर - जहां कुल क्षेत्रफल 50 , 000 वर्ग मीटर से अधिक न हो ( iii) राज्य सरकार - जहां कुल क्षेत्रफल 50 , 000 वर्ग मीटर से अधिक हो।   वाणिज्यिक उद्दे...

धारा 251-ए/ 251-A

खातेदारी भूमि मे मेसे रास्ता लेने के प्रावधान राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 की धारा 251-ए के तहत निजी खातेदारी भूमि में से काश्तकारों को रास्ता उपलब्ध करवाने संबंधी प्रावधान किए गये है। निजी खातेदारी भूमि में से काश्तकारों को रास्ता उपलब्ध करवाने हेतु सक्षम प्राधिकारी उपखण्ड अधिकारी है। उपखण्ड अधिकारी को धारा 251-ए के तहत दर्ज प्रकरणों का निस्तारण आवश्यक रूप से 90 दिवस मे करना होता है।        रास्ता या पहुँच मार्ग एक आवश्यक सुखाधिकार है। किसी भी भूमि चाहे वह कृषि भूमि हो अथवा अकृषि भूमि हो पर पहुंच हेतु रास्ता होना आवश्यक होता है। कृषि भूमि पर पहुंच मार्ग की समस्या के समाधान हेतु राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 में संशोधन किया जाकर धारा 251 भी जोड़ी गई है तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर परिपत्र भी जारी किये गये है। राज्य सरकार द्वारा समय समय पर जारी किये गये दिशा निर्देशों के उपरांत भी रास्ते समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है अतः राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूर्व में जारी समस्त परिपत्रों की निरन्तरता में निम्नलिखित दिशा निर्देश जारी किये गये है। 1. राजस्...

सरकार द्वारा दी जानी वाली पेंशन योजनाः (central govt. pension)

केन्द्र सरकार द्वारा दी जानी वाली पेंशन योजनाएंः इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजनाः पात्रता > बीपीएल परिवारों के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के महिला अथवा पुरूष >  केंद्र सरकार की बीपीएल सूची में सूचीबद्ध      2.  प्रतिमाह देय राशि > 75 वर्ष से कम को रूपये 750 >75 वर्ष व अधिक को रूपये 1000 इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजनाः पात्रता >  बीपीएल परिवारों की 40 वर्ष व उससे अधिक आयु की विधवा महिला >  केंद्र सरकार की बीपीएल सूची में सूचीबद्ध      2.  प्रतिमाह देय राशि >  40 वर्ष या उससे अधिक किंतु 55 वर्ष से कम को 500 रूपये > 55 वर्ष या उससे अधिक किंतु 60 वर्ष से कम को 750 रूपये > 60 वर्ष या उससे अधिक किंतु 75 वर्ष से कम को 1000 रूपये > 75 वर्ष या उससे अधिक को 1500 रूपये इंदिरा गांधी राष्ट्रीय  विकलांगता पेंशन योजनाः पात्रता >  बीपीएल परिवारों के 18 वर्ष व उससे अधिक आयु के 80 प्रतिशत  या उससे अधिक निशक्तता वाले निशक्त        व्यक्ति >  के...

सरकार द्वारा दी जानी वाली पेंशन योजनाः (rajasthan govt. pension)

 राजस्थान में राज्य सरकार द्वारा दी जानी वाली पेंशन योजनाएं: मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना (CMOAPS) पात्रता >महिला- 55 वर्ष व अधिक आयु >पुरूष- 58 वर्ष व अधिक आयु >वार्षिक आय- 48000 रूपये >बी.पी.एल. अन्त्योदय/आस्था कार्डधारी परिवार/ सहरिया/कथौडी/खैरवा जाति के व्यक्तियों को आय संबंधी शर्त में छूट प्रदान की गई है।      2.  प्रतिमाह देय राशि > 75 वर्ष से कम को रूपये 750 >75 वर्ष व अधिक को रूपये 1000 मुख्यमंत्री एकलनारी सम्मान पेंशन योजना (CMWPS) पात्रता >18 वर्ष या अधिक आयु की विधवा/परित्यक्ता/तलाकशुदा महिला जो राजस्थान की मूल निवासी हो या राजस्थान में रह रही हो। >वार्षिक आय- 48000 रूपये >बी.पी.एल. अन्त्योदय/आस्था कार्डधारी परिवार/ सहरिया/कथौडी/खैरवा जाति एवं एचआईवी एड्स पॉजिटिव जो एड्स कन्ट्रोल सोसाइटी में पंजीकृत है ऐसी विधवा/ परित्यक्ता/ तलाकशुदा महिलाओं को आय संबंधी शर्त में छूट प्रदान की गई है।      2.  प्रतिमाह देय राशि > 18 वर्ष व अधिक किन्तु 55 वर्ष से कम आयु की पेंशनर को 500 रूप्ये प्रतिमा...

नागौर जिले में कलेक्टर द्वारा प्रदान की जानी वाली छुट्टियॉ घोषित-

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              नागौर कलेक्टर श्री पियुष समरिया ने नागौर जिले में दो स्थानीय सार्वजनिक अवकाश घोषित किये: क्र0स0  अवकाश दिवस  दिनांक  वार  1  शीतलाष्टमी  15.03.2023  बुधवार  2  गणेश चतुर्थी  19.09.2023  मंगलवार जिला कलेक्टर को विशेष शक्तियां दी गई है जिसके तहत वह स्थानीय मेला/ त्योहार आदि के उपलक्ष्य में जिले में दो स्थानीय अवकाश घोषित करते है। वर्ष 2023 में कुल 29 दिवस को राज्य सरकार ने सार्वजनिक अवकाश घोषित कियेः  ऐच्छिक अवकाश मे से राजस्थान के राजकिय कार्यालयों के  कर्मचारियों को कुल दो अवकाश लेने की अनुमति दी गईः

कृषि भूमि का गैर कृषि कार्यों में प्रयोग/ Use of agricultural land for non-agricultural purposes/ 90 क

            कृषि प्रयोजन के हेतु कृषि भूमि को धारण करने वाला व्यक्ति और कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसको ऐसी भूमि का भाग हस्तान्तरित किया गया  हो उस भूमि को या उसके किसी भाग को उस पर भवन निर्माण हेतु अथवा अन्य किसी प्रयोजन के लिए काम में नही लायेगा सिवाय जबकि वह राज्य सरकार से इसके पश्चात् बताये गये तरीके के अनुसार लिखित अनुमति प्राप्त कर लें और ऐसी अनुमति की शर्तो एवं प्रतिबन्धनों के विपरित काम में न लें।           कोई व्यक्ति जो कृषि भूमि को अन्य गैर कृषि प्रयोजनार्थ उपयोग में लेना चाहता है। वह राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तरीकें को अपनाकर भूमि का रूपान्तरण करवा सकता है। 

राजकिय भूमि/सिवायचक भूमि पर अतिक्रमण के विरूद्ध कार्यवाही/ एल.आर. एक्ट 1956 की धारा 91/ 91 के तहत कार्यवाही

      राजकिय भूमि/सिवायचक भूमि पर अतिक्रमण के विरूद्ध कार्यवाही/ एल.आर. एक्ट 1956 की धारा 91/  91 के तहत कार्यवाही /भूमि का अप्राधिकृत अधिभोग:           कोई भी व्यक्ति, जो विधिपूर्ण प्राधिकार के बिना किसी भूमि को अपने अधिभोग में लेता है अतिचारी समझा जायेगा और तहसीलदार द्वारा किसी भी समय, स्वप्रेरणा से या ऐसे स्थानीय प्राधिकारी द्वारा आवेदन-पत्र देने पर, जिसके कि अधिकार में ऐसी भूमि है, उससे बेदखली किया जा सकेगा।        राजकिय भूमि/सिवायचक भूमि/ गोचर भूमि/ विभागीय भूमि पर किये गये अतिक्रमण संबंधी मामलों में  तहसीलदार (भूमिधारी) को राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 91 के तहत कार्यवाही करने अधिकार प्रदान किये गये।          ऐसे मामलों में जहां अतिक्रमी द्वारा पश्चात्वृति अतिक्रमण कर लिया गया है इस संबंध में राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 91 की उपधारा 91(2) में प्रावधान है कि तहसीलदार के आदेश द्वारा ऐसी अवधि के सिविल कारावास, जो तीन माह तक हो सकेगा तथा शास्ति जो कि वार्षिक लगान का 50...

राजस्थान में अनुसूचित जाति/जनजाति की खातेदारी भूमियों पर अवैध कब्जे के विरूद्ध कार्यवाही (183 बी)

    राजस्थान में अनुसूचित जाति/जनजाति की खातेदारी भूमियों पर अवैध कब्जे के विरूद्ध कार्यवाही (183 बी)                       राजस्थान में अनुसूचित जाति/जनजाति की खातेदारी भूमियों पर अवैध कब्जे के विरूद्ध कार्यवाही करने के राजस्थान काष्तकारी अधिनियम 1955 में व्यापक प्रावधान है। राजस्थान में अनुसूचित जाति/ जनजाति की खातेदारी की कृषि भूमि पर प्रभावषाली लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जे किये हुए है, तो राजस्थान काष्ताकारी अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत गैर कानूनी है।             साथ ही अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(एफ)(जी) के तहत यह आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आकर दण्डनीय है।            राजस्थान काष्तकारी अधिनियम 1955 की धारा 183-बी तथा 183-सी में अनुसूचित जाति/ जनजाति के व्यक्तियों की भूमि पर अन्य जातियों के व्यक्तियों द्वारा अवैधानिक रूप से कब्जा किये जाने पर त्वरित बेदखली एवं दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने का प्रावधान ह...

राजस्थान में कर्मचारियों को अचल सम्पति विवरण 31 जनवरी तक भरना अनिवार्य

          हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी राजस्थान के कर्मचारियों को अपना अचल संपत्ति विवरण राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार 31 जनवरी 2023  तक  भरना अनिवार्य होगा|         राजस्थान राज्य में समस्त सरकारी कर्मचारी व अधिकारीयों को अपना अचल संपत्ति विवरण 1 जनवरी 2023 की स्थिति को देखते हुए 31 जनवरी 2023 भरना निर्धारित किया गया है। संबंधित कार्मिक एसएसओ आईडी पर जाकर राजकाज पोर्टल से आईपीआर भर सकते हैं।